Article Details

प्राथमिक शिक्षा के छेत्र में सूचना माध्यमों की पहुँच एवं प्रभाव का समाजशास्त्रीय अध्ययन: मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल शहडोल जिले के संदर्भ में | Original Article

कल्पना कुमारी in Shodhaytan (RNTUJ-STN) | Multidisciplinary Academic Research

ABSTRACT:

प्रेषक द्वारा प्राप्तकर्ता को सूचना की प्रक्रिया को संचार कहते है जिसमे जानकारी पहुँचाने के लिए ऐसे माध्यम (Medium) का प्रयोग किया जाता है जिससे संप्रेषित सूचना प्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों समझ सकें | यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा प्राणी विभिन्न माध्यमों के द्वारा सूचना का आदान-प्रदान करता है | संचार की मांग है कि सभी पक्षों को एक समान भाषा का बोध हो जिसमें कि सूचना का आदान-प्रदान हुआ हो | जनसंचार(Mass communication) से तात्पर्य उन सभी साधनों से है जो एक साथ बहुत बड़ी जनसंख्या  के साथ संचार सम्बन्ध स्थापित करने में सहायक होते है | प्राय: इसका अर्थ सम्मिलित रूप से समाचार पत्र, पत्रिकाएँ, रेडियो, दूरदर्शन, चलचित्र से लिया जाता है जो समाचार एवं विज्ञापन दोनों के प्रसारण के लिये प्रयुक्त होते है | वर्तमान में भूमंडलीकरण के इस युग में इन्टरनेट के माध्यम से भी सूचनाओं का लोकव्यापीकरण  हुआ है और इसे भी जनसंचार के प्रकार के रूप में देखा जाने लगा है | जनसम्पर्क का अर्थ बड़ा ही व्यापक और प्रभावकारी है | लोकतंत्र के आधार पर स्थापित लोकसत्ता के परिचालन के लिए ही नहीं बल्कि राजतंत्र और अधिनायकतंत्र के सफल संचालन के लिए भी जनसंपर्क आवश्यक माना जाता है | कृषि. उद्योग, व्यापार, जनसेवा और लोकरुचि के विस्तार तथा परिष्कार के लिए भी लोकसंपर्क की आवश्यकता है | जनसंपर्क का शाब्दिक अर्थ है जनसाधारण से अधिकाधिक निकट संबंध |